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झारखंड: सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से टूटे सीएम हेमंत सोरेन, बोले- भैया का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति

Sun, 06 Sep 2026 08:53 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और JMM के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक जताया है। 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया है। 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें सिर्फ वरिष्ठ राजनीतिक साथी नहीं, बल्कि बड़े भाई के समान बताया और कहा कि उनका जाना उनके जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

हेमंत सोरेन बोले- सोनू भैया का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है।

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हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू कुमार उनके लिए सिर्फ वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर मुश्किल समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेंगी।

झारखंड आंदोलन से JMM के संघर्ष तक साथ निभाया

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के झारखंड आंदोलन के दौर से जुड़े योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सोनू भैया झारखंड आंदोलन के समय से ही स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।

'कल तक आवाज हमारे बीच थी, आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई'

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में जीवन की क्षणभंगुरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज सोनू भैया को याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज उनके बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। उन्होंने कहा कि सोनू के स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वह जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में लिखा कि सोनू भैया उन्हें हमेशा याद आएंगे।

JMM प्रवक्ता बोले- पार्टी और झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनके साथी और कैबिनेट मंत्री अब उनके बीच नहीं रहे। उन्होंने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू को हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मनोज पांडेय ने इसे JMM और झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व थे और उनके निजी मित्र भी थे। उनके निधन पर विश्वास करना बेहद मुश्किल है।

अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद बिगड़ी हालत

गिरिडीह के मर्सी अस्पताल के डॉक्टर शाहजाद शेख ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू करीब रात 2:15 बजे अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर के अनुसार, उन्हें करीब दो घंटे से सीने में दर्द था। अस्पताल पहुंचने के समय उनकी हालत गंभीर थी। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें उल्टी हुई थी और उसका कुछ हिस्सा फेफड़ों में चला गया था। अस्पताल पहुंचते ही उन्हें इंट्यूबेट किया गया।

ECG में हार्ट अटैक के संकेत, 10-15 मिनट में कार्डियक अरेस्ट

डॉक्टर शाहजाद शेख के अनुसार, ECG में हार्ट अटैक के संकेत मिले थे। इलाज और पुनर्जीवन की कोशिशों के दौरान करीब 10 से 15 मिनट के भीतर मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े। इसके बाद तुरंत CPR शुरू किया गया। डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने सभी जरूरी CPR और रेससिटेशन प्रक्रियाएं कीं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा और राज्य की राजनीति में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

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