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झारखंड: भर्ती सुधार को लेकर यात्रा तेज, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी जामताड़ा पहुंचे; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Thu, 27 Aug 2026 01:13 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand News: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर ‘भर्ती सुधार यात्रा’ गुरुवार को चौथे दिन गिरिडीह से जामताड़ा के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान छात्रों, युवाओं और अभ्यर्थियों से संवाद कर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
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यात्रा में शामिल छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती व्यवस्था में सुधार और अभ्यर्थियों के हितों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के नेतृत्व में निकाली गई ‘भर्ती सुधार यात्रा’ गुरुवार को चौथे दिन गिरिडीह से जामताड़ा के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान जामताड़ा जिले में स्थानीय छात्रों, युवाओं और अभ्यर्थियों के साथ संवाद किया जाएगा।
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जिलों में पहुंचकर युवाओं को जोड़ रहा आंदोलन
भर्ती सुधार यात्रा को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों में लगातार उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के माध्यम से आंदोलनकारी छात्र प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर युवाओं को भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जागरूक कर रहे हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर छात्रों की समस्याओं को समझने और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मां भद्रकाली मंदिर में पूजा से शुरू हुई यात्रा
बुधवार को यात्रा की शुरुआत चतरा जिले के इटखोरी स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद यात्रा गिरिडीह जिले की ओर बढ़ी। डोमचांच, घोड़थंभा और गोरीमहुआ में जनसभा एवं जनसंबोधन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक शामिल हुए।
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परीक्षा और परिणाम में देरी पर छात्रों की चिंता
जनसभाओं में वक्ताओं ने झारखंड में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को वर्षों तक परीक्षाओं और परिणामों का इंतजार करना पड़ता है। परीक्षा आयोजित होने के बाद विवाद, अनियमितता या प्रक्रिया में बदलाव की स्थिति में अभ्यर्थियों का समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को स्पष्ट, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता है।

देवेंद्र नाथ महतो बोले- युवाओं के भविष्य से हुआ खिलवाड़
भर्ती सुधार यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने झारखंड की युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और राज्य के मानव संसाधन को वह सम्मान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है।

‘पारदर्शी भर्ती होने तक संघर्ष जारी रहेगा’
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी में वर्षों से मेहनत कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की उम्मीद सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी होती है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनिश्चितता का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की गारंटी और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सिर्फ विरोध नहीं, व्यवस्था बदलने की मांग
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि झारखंड में ऐसी भर्ती व्यवस्था की मांग करना है, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और परीक्षाएं निर्धारित समय पर निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों। उन्होंने युवाओं से भी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।

नेमरा से शुरू हुई थी भर्ती सुधार यात्रा
बताया गया कि ‘भर्ती सुधार यात्रा’ की शुरुआत रामगढ़ जिले के नेमरा से की गई है। नेमरा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली है। यात्रा का उद्देश्य पूरे झारखंड का भ्रमण कर छात्रों, युवाओं और अभ्यर्थियों से सीधा संवाद स्थापित करना है।

गांव-प्रखंड स्तर तक पहुंचाने की तैयारी
आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान अलग-अलग जिलों में बैठक, जनसभा और संवाद कार्यक्रम किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय युवाओं की समस्याओं को सुना जाएगा और भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव लिए जाएंगे। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को आंदोलन की मांगों और सरकार से की जा रही अपेक्षाओं की जानकारी दी जाएगी।

‘भर्ती व्यवस्था राज्य के भविष्य से जुड़ा मुद्दा’
यात्रा के माध्यम से आंदोलनकारी छात्र यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि भर्ती व्यवस्था केवल नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों का विषय नहीं है, बल्कि यह राज्य के भविष्य और युवाओं के भरोसे से जुड़ा मुद्दा है। उनका कहना है कि पारदर्शी नियुक्ति व्यवस्था से ही योग्य युवाओं को अवसर मिल सकता है और सरकारी संस्थानों में योग्य मानव संसाधन सुनिश्चित किया जा सकता है।

जामताड़ा के बाद देवघर जाएगी यात्रा
गुरुवार को गिरिडीह से जामताड़ा के लिए रवाना हुई यात्रा के दौरान वहां के छात्रों और अभ्यर्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद यात्रा देवघर जिले में प्रवेश करेगी। यात्रा के अगले चरण में भी विभिन्न स्थानों पर स्थानीय युवाओं और अभ्यर्थियों के साथ बैठक एवं जनसंपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक हुए शामिल
छात्र नेताओं का कहना है कि यात्रा को गांव और प्रखंड स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उनका मानना है कि जब तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के युवा एक मंच पर आकर अपनी समस्याओं को मजबूती से नहीं उठाएंगे, तब तक भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव संभव नहीं होगा।

भर्ती सुधार यात्रा में छात्रों के साथ अभिभावकों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। यात्रा के दौरान युवाओं और अभिभावकों ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों का आर्थिक और मानसिक निवेश भी जुड़ा होता है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता का प्रभाव केवल अभ्यर्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है।
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