पुलिस ने सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र से साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गुप्त सूचना पर साइबर उप पुलिस अधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गठित टीम ने असूरबंधा स्थित ब्लॉक के पीछे मैदान में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहादत अंसारी, गुलफराज अंसारी और सरफराज अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए हैं।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में आरोपियों की साइबर ठगी में संलिप्तता सामने आई है। आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजन, गूगल पे और फोनपे जैसी कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। कैशबैक का लालच देकर वे ग्राहकों के खातों से रकम निकाल लेते थे।
एपीके फाइल डाउनलोड कराते ही मिलता था मोबाइल का एक्सेस
आरोपियों पर पीएम किसान योजना, बिजली बिल भुगतान और आरटीओ चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, फाइल डाउनलोड करते ही ठगों को मोबाइल तक पहुंच मिल जाती थी, जिसके बाद वे लोगों से पैसे ऐंठते थे।
एयरटेल पेमेंट बैंक के नाम पर भी जालसाजी
पुलिस के अनुसार, आरोपी एयरटेल पेमेंट बैंक के फर्जी अधिकारी बनकर भी लोगों को निशाना बनाते थे। वे एयरटेल थैंक्स एप के जरिए कार्ड बंद होने की बात कहते और उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर ग्राहकों से ठगी करते थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच कर यह पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।
गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश
छापेमारी में साइबर थाना के निरीक्षक राकेश कुमार रवि और सोनारायठाढ़ी थाना प्रभारी रोहित दांगी शामिल रहे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है।