रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र में हो रही देरी विद्यार्थियों के लिए लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। कई पाठ्यक्रमों में समय पर पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है, तो कहीं निर्धारित समय पर परीक्षाएं नहीं हो रही हैं। परीक्षा होने के बाद परिणाम जारी करने में भी देरी की समस्या सामने आ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। सत्र में देरी का सीधा असर उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ रहा है।
एक साल बाद भी नहीं हुई एलएलएम की पहली परीक्षा
रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में संचालित एलएलएम पाठ्यक्रम में सत्र विलंब की स्थिति सामने आई है। सत्र 2025-27 के विद्यार्थियों को इस समय तक सेमेस्टर-टू की परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए थी, लेकिन वे अभी सेमेस्टर-वन की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं।
विद्यार्थियों के मुताबिक, नामांकन के बाद एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनकी एक भी सेमेस्टर परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। हालांकि, अब विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर-वन की परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत विद्यार्थियों को 9 सितंबर तक परीक्षा फॉर्म भरना होगा।
परीक्षा के बाद परिणाम में देरी से बढ़ती है परेशानी
विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा में देरी के बाद परिणाम जारी होने में भी समय लग जाता है। इससे पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता है। समय पर डिग्री नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में दाखिले, प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के लिए आवेदन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए स्थिति और मुश्किल हो जाती है। ऐसे विद्यार्थी निजी विश्वविद्यालयों की महंगी फीस वहन करने में सक्षम नहीं होते, इसलिए उन्हें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र समय पर चलने की उम्मीद रहती है।
अन्य पाठ्यक्रम भी सत्र विलंब से प्रभावित
विद्यार्थियों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र में देरी की समस्या केवल एलएलएम पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय के अन्य वोकेशनल और पीजी पाठ्यक्रमों में भी ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। विद्यार्थियों की मांग है कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं संचालित करने के साथ समय पर परीक्षाएं आयोजित करे और परिणाम भी निर्धारित समय में जारी करे।
विश्वविद्यालय बोला- सत्र विलंब के कारणों की समीक्षा जारी
इस मामले में रांची विश्वविद्यालय के पीआरओ ने कहा कि सत्र में देरी होने के कई कारण हो सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के हित में लगातार काम कर रहा है। जिन पाठ्यक्रमों में सत्र विलंब हुआ है, उनकी समीक्षा की जा रही है। पीआरओ के अनुसार, नामांकन में देरी समेत अन्य संभावित कारणों को भी देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि सत्र में हुई देरी को दूर कर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।