झारखंड में सात जिलों के कोषागारों से फर्जी वेतन निकासी मामले में सीआईडी ने 18 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। आरोपियों पर सरकारी पोर्टल में हेरफेर कर मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों रुपये निकालने का आरोप है।
झारखंड में सात जिलों के कोषागारों से फर्जी वेतन निकासी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने 18 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किए हैं। जांच में सामने आया कि सभी जिलों में सरकारी पोर्टल से छेड़छाड़ कर सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई। सीआईडी के अनुसार, आरोपियों ने एक ही तरीके से योजनाबद्ध ढंग से इस वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
हजारीबाग जिले में सिपाही और मुख्य आरोपी शंभू कुमार सिंह, उसकी पत्नी काजल कुमारी, सहयोगी सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, रजनीश की पत्नी खुशबू कुमारी, धीरेंद्र कुमार सिंह और रिश्तेदार सौरभ कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। हजारीबाग में सबसे अधिक करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई।
चाईबासा में सिपाही देवनारायण मुर्मू, सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी और गोराचंद मार्डी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। यहां करीब तीन करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई। वहीं, खूंटी में गिरफ्तार सिपाही शुभम कुमार और फरार आरोपी अजित कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। खूंटी कोषागार से 22.46 लाख रुपये की निकासी हुई थी।
देवघर में स्वास्थ्य विभाग की पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। देवघर कोषागार से करीब 99 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया था। सीआईडी की कार्रवाई के बाद अब इन मामलों में संबंधित न्यायालयों में आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।