धरना प्रदर्शन करते कांग्रेसी नेता और मंत्री
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प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को झारखंड कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने लोक भवन के निकट धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली थाना भेज दिया।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान राहुल गांधी की नाक में चोट लगी, जिससे उनके चेहरे पर खून दिखाई दिया। पार्टी ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश करार दिया। नेताओं का कहना था कि छात्र-युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
उठाया नीट पेपर लीक का मुद्दा
प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसा मामला बेहद गंभीर है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है।
मंत्रियों ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और जब विद्यार्थी जवाब मांगते हैं तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है। कांग्रेस नेता नीरज भोक्ता ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में असफल रही है।
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प्रदर्शन के बाद नेताओं को हिरासत में लिया गया
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रभारी समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली थाना में रखा। बाद में पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कही।