रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बार फिर मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटते ही कैबिनेट विस्तार और विभागीय बदलाव को लेकर अहम निर्णय लिया जा सकता है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 28 जनवरी तक स्वदेश लौट आएंगे, जिसके बाद किसी भी दिन फेरबदल की घोषणा संभव है। मुख्यमंत्री और उनके साथ राज्य के अधिकारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भाग लेने दावोस गए हुए हैं।
मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित फेरबदल मंत्रियों के विभागीय प्रदर्शन और उनके कार्यों की समीक्षा के आधार पर किया जा सकता है। खास तौर पर कांग्रेस कोटे से बने कुछ मंत्रियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति सामने आई है, जिसे नेतृत्व गंभीरता से ले रहा है।
दिल्ली तक पहुंची नाराजगी
हाल ही में कांग्रेस के पांच विधायक इन्हीं मुद्दों को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। वहां उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर मंत्रिमंडल फेरबदल की मांग रखी और अपनी-अपनी दावेदारी भी सामने रखी। बताया जा रहा है कि इन विधायकों ने कृषि, स्वास्थ्य और वित्त विभाग के मंत्रियों के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं।
संगठन और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुछ मंत्री संगठन और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है। विधायकों का तर्क है कि यदि 2029 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में कांग्रेस की मजबूत भूमिका का लक्ष्य है, तो संगठन और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी होगा।
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मुख्यमंत्री के रुख को लेकर कयास
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मंत्रिमंडल फेरबदल के पक्ष में हैं। चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड से मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं हैं। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय में एक मंत्री पद लंबे समय से रिक्त है, जिसे भरना भी आवश्यक माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
किन विभागों में बदलाव की चर्चा
फेरबदल की संभावनाओं के तहत कृषि, स्वास्थ्य, श्रम नियोजन, प्रशिक्षण और उद्योग विभाग में बदलाव हो सकता है। साथ ही झामुमो कोटे से बने एक मंत्री को बदले जाने की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में जोर पकड़ रही है।