झारखंड के चतरा जिले में सिमरिया के पास हुए एयर एंबुलेंस हादसे में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मंगलवार को जब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए, तो परिवार का दर्द साफ देखा जा सकता था। इस बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई हादसे की पूरी कहानी
प्रत्यक्षदर्शी पवन यादव, जिनसे डीजीसीए की टीम ने जानकारी ली, ने बताया कि वे अपने गांव में घर के बाहर बैठे थे। तभी तेज आवाज सुनाई दी और उन्होंने विमान को देखा। उन्होंने कहा कि विमान संतुलन खोता हुआ लग रहा था। अचानक तेज धमाके की आवाज आई। उस समय मौसम खराब था और हल्की बारिश हो रही थी। पवन यादव ने टीम को वह सब बताया जो उन्होंने अपनी आंखों से देखा।
मौके से जुटाए जा रहे सबूत
डीजीसीए की टीम उस स्थान की जांच कर रही है जहां सोमवार रात एयर एंबुलेंस क्रैश हुई थी। टीम मलबे से हर जरूरी सबूत जुटा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह साफ होगी।
रांची से दिल्ली जा रही थी एयर एंबुलेंस
यह विमान रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एंबुलेंस था। विमान का रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV था। विमान रांची से दिल्ली जा रहा था। सोमवार शाम यह सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार दो पायलट सहित सभी सात लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार विमान चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के कसारिया पंचायत क्षेत्र में क्रैश हुआ। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।