केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में सरहुल महापर्व को लेकर सरना टोली हातमा स्थित केंद्रीय सरना पूजा स्थल पर तैयारी बैठक सह प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान समिति ने राज्य सरकार से सरहुल के अवसर पर तीन दिवसीय राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग की।
धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य पहान जगलल पाहन ने सरहुल पर्व के धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चैत शुक्ल द्वितीया के दिन उपवास, केकड़ा-मछली पकड़ाई और रात्रि में जल रखाई पूजा होगी। शनिवार को चैत शुक्ल तृतीया के दिन मुख्य पूजा, वर्षा भविष्यवाणी और दोपहर 1:30 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी, जबकि रविवार को फूल खोशी (पुष्प अर्पण) का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पर्व मनाने की अपील की।
पर्व के स्वरूप को लेकर समिति की चिंता
समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि सरहुल जैसे पवित्र पर्व के दौरान कुछ लोग डीजे और राजनीति के माध्यम से माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने समाज से इस प्रकार की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से सरहुल शोभायात्रा के दिन पूरे झारखंड में शराबबंदी लागू करने की मांग की।
नगर निगम से व्यवस्थाओं की अपील
समिति ने रांची नगर निगम प्रशासन से पूजा स्थलों की साफ-सफाई, बिजली, चलंत शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। इसके साथ ही शोभायात्रा के दिन सभी सुलभ शौचालयों को निशुल्क करने की मांग भी रखी गई।
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सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर
समिति ने प्रशासन से शोभायात्रा के दिन शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और प्रत्येक चौक-चौराहे पर मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की। इसे पर्व के दौरान सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया गया।
श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण आयोजन की अपील
समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे सरहुल शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य-संगीत और भाईचारे के साथ भाग लें। साथ ही पर्व को शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई।