प्रेस कॉन्फ्रेंस करते झामुमो के केंद्रीय महासचिव
- फोटो : Amar Ujala
रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए दावा किया है कि करीब 29 लाख मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किया गया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मतदाताओं में भय का माहौल बनाया गया
पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई, जिससे मतदाताओं में भय का माहौल बना। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन मतदाताओं की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, उन्हें भी मतदान करने दिया गया। उनके अनुसार, यह मामला न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद ऐसे वोटों का इस्तेमाल चुनाव की वैधता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अवैध वोटों को हटाया जाए
झामुमो का कहना है कि यदि कथित रूप से अवैध वोटों को हटाया जाए, तो चुनाव परिणाम पूरी तरह बदल सकते हैं। पार्टी ने इस पूरे प्रकरण को “लोकतंत्र पर आघात” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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वहीं, असम विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने कहा कि वहां संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया गया है। कई सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे भविष्य में राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।