सार
Jharkhand News: रांची के पहाड़ी मंदिर में करोड़ों के कथित घोटाले के आरोप से हड़कंप मच गया है। प्रबंधन पर अवैध स्क्रैप बिक्री और फर्जी लेन-देन के आरोप लगे हैं। 4 मई को नई कमेटी का पदभार ग्रहण होना है, जिससे टकराव की आशंका बढ़ गई है।
राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने मंदिर की मौजूदा प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंदिर प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी की
राकेश सिन्हा के अनुसार, मंदिर प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए परिसर से करोड़ों रुपये मूल्य के स्क्रैप और लोहे की अवैध बिक्री की है। आरोप है कि यह काम बिना किसी वैध टेंडर प्रक्रिया के और देर रात किया गया, ताकि मामला सामने न आए। इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों से फर्जी लेन-देन कर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम देने के भी आरोप लगाए गए हैं। इन दावों के बाद मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
नए और पुराने सदस्यों के बीच टकराव की आशंका
मामले के तूल पकड़ने के बीच 4 मई को नई प्रबंधन कमेटी के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। ऐसे में पुराने और नए सदस्यों के बीच टकराव की आशंका जताई जा रही है, जिससे मंदिर परिसर में तनाव की स्थिति बन सकती है।
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झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने साफ कहा है कि नई कमेटी को प्रभार सौंपने में किसी प्रकार की बाधा आती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल, पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई और संभावित जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।