नीलांबर-पितांबरपुर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में मेस के खाने की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि मेस में लगातार घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है। छात्रों ने खाने में कीड़े, कांच के टुकड़े, बाल और लोहे के तार मिलने की शिकायत भी की। इसके अलावा खाना बनाने की जगह, बर्तनों की सफाई और पूरी स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है।
शिकायत के बाद कॉलेज पहुंची प्रशासन और फूड सेफ्टी की टीम
हंगामे की सूचना मिलने के बाद फूड इंस्पेक्टर, सदर एसडीओ संजय पांडे, अंचलाधिकारी जागो महतो और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीम कॉलेज परिसर पहुंची। टीम ने मेस का औचक निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की। जांच के दौरान मेस से चावल, दाल और लाल मिर्च के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल को सील करने के बाद जांच के लिए स्टेट फूड लैब, नामकुम, रांची भेज दिया गया है।
करीब 10 से 12 बिंदुओं पर मिलीं कमियां
निरीक्षण के दौरान सदर एसडीओ संजय पांडे ने आक्रोशित छात्रों से बातचीत की और उन्हें शांत कराया। उन्होंने बताया कि मेस में हाइजीन और साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। जांच के दौरान बर्तनों की उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था, सैनिटाइजेशन समेत करीब 10 से 12 बिंदुओं पर कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को लेकर संबंधित पक्ष को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा।
छात्रों की मांग- मौजूदा मेस वेंडर को हटाया जाए
छात्रों की मुख्य मांग मौजूदा मेस वेंडर को हटाने की है। प्रशासन के अनुसार, वेंडर के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए 30 सितंबर तक की समय-सीमा तय की गई है। प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि निर्धारित अवधि में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सरकारी नियमों के तहत संबंधित पक्ष के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सैंपल रिपोर्ट आने के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, भोजन के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल चावल, दाल और लाल मिर्च के सैंपल स्टेट फूड लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।