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Jharkhand: "पैसा दिला दीजिए, नहीं तो मर जाएंगे",5 महीने से मानदेय न मिलने पर महिला होमगार्ड की दर्दभरी गुहार

Sat, 18 Jul 2026 09:53 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर

सार

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड फूलकुमारी पांच महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण अस्पताल परिसर में भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने आर्थिक तंगी और रीढ़ की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए जल्द बकाया भुगतान की गुहार लगाई।
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रोती महिला सिपाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में शनिवार को एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड फूलकुमारी, जो बोड़ाम थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं, करीब पांच महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण अस्पताल परिसर में फूट-फूटकर रोने लगीं। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से परेशान महिला ने अपने बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मानदेय नहीं मिला तो उनकी स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।

मानदेय मिलने की उम्मीद टूटी तो बिगड़ी मानसिक स्थिति

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि अगले सप्ताह भी बकाया मानदेय मिलने की संभावना नहीं है। यह सुनते ही वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं और अस्पताल परिसर में रोने लगीं। मौके पर मौजूद अस्पताल कर्मियों और अन्य होमगार्ड जवानों ने तुरंत उन्हें संभाला और पूछताछ केंद्र में बैठाकर काफी देर तक समझाया। इसके बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई।

रीढ़ की गंभीर बीमारी से भी जूझ रहीं महिला होमगार्ड

फूलकुमारी पिछले करीब छह महीनों से रीढ़ की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने एमजीएम अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिलने पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में उपचार शुरू कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह इलाज नहीं करा पा रही हैं। उन्होंने बताया कि पति से आर्थिक मदद की उम्मीद भी पूरी नहीं हो सकी।

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साथियों ने दिया हौसला, बढ़ी चिंता

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान अस्पताल पहुंचे और फूलकुमारी का हौसला बढ़ाया। सभी ने उन्हें धैर्य रखने और समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। अस्पताल परिसर में कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले एमजीएम अस्पताल में तैनात एक अन्य महिला होमगार्ड ने मानसिक तनाव के बीच फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लंबे समय से लंबित मानदेय के कारण होमगार्ड जवानों पर पड़ रहे आर्थिक, स्वास्थ्य और मानसिक दबाव को उजागर कर दिया है।

समय पर मानदेय भुगतान की मांग तेज

होमगार्ड जवानों का कहना है कि समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। इलाज, परिवार के खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

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