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Jharkhand: नाबालिग हत्याकांड ने खोली पोल; 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पैसे लेकर दबाया गया था केस

Sun, 12 Apr 2026 03:26 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में 28 पुलिसकर्मियों को अभियुक्तों से साठगांठ कर जांच प्रभावित करने के आरोप में निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई एक नाबालिग के अपहरण और हत्या मामले की जांच के दौरान हुई, जिसमें पुलिसकर्मियों पर पैसे लेकर केस दबाने और गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए। 
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जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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विस्तार
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झारखंड के बोकारो जिले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत पिंडराजोड़ा थाना में तैनात 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया है। इन पर अभियुक्तों के साथ साठगांठ कर मामले की जांच को कमजोर करने का गंभीर आरोप है। निलंबित कर्मियों में 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं।

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जांच को प्रभावित कर रहे थे पुलिसकर्मी
बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने शनिवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 24 जुलाई 2025 को खुंटाडीह गांव निवासी रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री पुष्पा महतो के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला पिंडराजोड़ा थाना कांड संख्या 147/25 के रूप में दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि थाने में तैनात कुछ पुलिसकर्मी जानबूझकर जांच को प्रभावित कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने अभियुक्तों के साथ मिलकर पार्टी की, पैसे लेकर केस को दबाने की कोशिश की और थाने की गोपनीयता का भी उल्लंघन किया।

शादी से इंकार पर हुई थी युवती की हत्या
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। नई टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर मृतका के कंकाल के अवशेष, कपड़े, बाल, रबर बैंड और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी युवती पर शादी का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
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हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि पुष्पा 21 जुलाई 2025 से लापता थी और उसकी तलाश के लिए 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। परिजनों ने युवती के नहीं मिलने पर हाईकोर्ट का रुख किया, जहां पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई गई। अदालत ने डीजीपी से लेकर एसपी तक को तलब किया था और डीआईजी स्तर की एक सदस्यीय कमेटी से जांच के निर्देश दिए थे। हाल ही में डीआईजी संध्या रानी मेहता ने बोकारो पहुंचकर मामले की जांच की है। इस केस की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित है।

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