झारखंड के रामगढ़ कस्बे के एक इलाके में बुधवार को आजसू पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को लेकर विवाद हो गया। इलाके में तनाव के चलते सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दरअसल, यहां एक साल पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फ्लाइओवर के निर्माण के लिए देश के पहले गृहमंत्री पटेल की मूर्ति को हटा दिया था। परियोजना पूरी होने के बाद वे उनकी प्रतिमा को फिर से स्थापित कर रहे थे।
आजसू के एक नेता ने बताया कि घटनास्थल के पास की सरकारी जमीन पर दोबारा प्रतिमा लगाने के लिए आजसू पार्टी ने भूमि पूजन किया, जहां यह पहले भी खड़ा था। लेकिन कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई और दावा किया कि जमीन ऐसे व्यक्ति की है, जिसने इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी।
आजसू पार्टी के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने दावा किया था कि यह भूखंड उनका ही है। मंगलवार को उनके खिलाफ एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
रामगढ़ अनुमंडल के अधिकारी मोहम्मद जावेद हुसैन ने बताया किया सरदार पटेल की प्रतिमा को लेकर दो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के नजदीकी इलाके में विवाद हुआ, जिसके कारण इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है।
कांग्रेस, झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, जबकि आजसू पार्टी राज्य की पिछली भाजपा नीत सरकार का हिस्सा थी। सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी रविवार को अपने समर्थकों के साथ रामगढ़ के पटेल चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर पहुंचे और भूमि पूजन शुरू कर दिया। इसका कांग्रेस के जिला मीडिया प्रभारी मुकेश यादव और अन्य ने विरोध किया।
इसके बाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान ने आरोप लगाया कि आजसू पार्टी के सांसद ने भूमि पूजन का विरोध करने पर मुकेश यादव की पिटाई की। आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीप डांगी ने दावा किया कि झूठे आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वहीं आजसू नेता और रामगढ़ नगर निगम के उपाध्यक्ष मनोज महतो ने कहा, प्रतिमा पहले पटेल चौक पर पार्टी की पहल पर स्थापित की गई थी और इसे हटाए जाने पर त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। सरकार ने प्रतिमा को फिर से स्थापित करने का वादा किया था लेकिन अब तक इसे स्थापित नहीं किया। महतो ने कहा, हमारी योजना पटेल चौक के पास सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे विफल कर दिया।
घटना को लेकर एनएचएआई के परियोजना निदेशक विजय कुमार ने कहा, चार लेन के फ्लाइओवर निर्माण के लिए सरदार पटेल की प्रतिमा को राजमार्ग के चौराहे से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि एक बार पूरा हो जाने पर वे इसे फिर से स्थापित करेंगे।