झारखंड में आईएस के कथित भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद राज्य में राजनीति गर्म है। यहां राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का खेल रविवार को उस समय तेज हो गया जब सत्तारूढ़ झामुमो और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
झामुमो कार्यकर्ताओं ने राज्य भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और दावा किया कि भगवा पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की छवि खराब करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। इस बीच, भाजपा ने झारखंड सरकार की भ्रष्टाचार को रोकने में कथित अक्षमता के विरोध में सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस सरकार का एक नकली अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला।
दरअसल, एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा कोष के कथित गबन मामले में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को हिरासत में लिया था, जिसके द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सुमन कुमार के अलावा राज्य की खनन सचिव पूजा सिंघल और अन्य के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।
झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने यहां पत्रकारों से कहा कि आरोपी सुमन कुमार खुलेआम मीडिया में कह रहा है कि उसके परिसरों से कथित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में उस पर मुख्यमंत्री का नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है। हम कहते रहे हैं कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के लिये हर मुमकिन प्रयास कर रही है। झामुमो कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि सत्तारूढ़ दल बौखलाहट में ऐसा कर रहा है।
दिन में भाजपा ने हेमंत सोरेन नीत सरकार का सांकेतिक अंतिम संस्कार जुलूस निकाला और उसका पुतला फूंका। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने राज्य की राजधानी के हरमू चौक से अरगोड़ा चौक क्षेत्र तक जुलूस का नेतृत्व किया।
इस दौरान प्रकाश ने दावा किया कि हेमंत सोरेन के शासन में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है। खदानों और खनिजों को लूटा जा रहा है और भ्रष्ट अधिकारियों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है। भाजपा इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ेगी।