कोकर निवासी उद्योगपति ज्ञानचंद जैन की अपहरण के बाद हत्या मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किये हैं। हालांकि मुख्य आरोपी जैन का चालक मुकेश कुमार अब भी पकड़ में नहीं आया है।
गिरफ्तार किये गये विकास, सूरज और अनिल केरकेट्टा उर्फ मताल उर्फ मधु ने पुलिस के सामने कई खुलासे किये हैं। तीनों ने बताया कि व्यवसायी का अपहरण उनके चालक मुकेश ने 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए किया था। अपहरण के बाद कार में एक करोड़ की फिरौती मांगने की योजना बनायी गयी।
आरापियों ने पुलिस को यह भी बताया कि पूरी योजना मुकेश ने ही बनाई थी। साथ ही ज्ञानचंद जैन के पूर्व कर्मचारी सूरज ने उसका साथ दिया था। उन्होंने बताया की जैन की हत्या करने की उनकी योजना नहीं थी। जैन के विरोध के बाद विकास ने उनके सिर पर कट्टे से हमला कर दिया। इससे वह बेहोश हो गये। इसके बाद उन्हें इटकी थाना क्षेत्र के कुली बूचा जंगल के भूतहा टांड़ ले जाया गया। वहां उनकी छाती पर पत्थर से हमलाकर शव को जमीन में गाड़ दिया गया।
पुलिस ने इस संबंध में मुकेश की पत्नी से भी पूछताछ की है। वहां से पता चला है कि मुकेश के पास सूरज का फोन आता था। अब तक पुलिस जांच में व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या किये जाने के पीछे स्टाफ को नौकरी से निकालने या नौकरी नहीं देने के विवाद का मामला सामने आ रहा है।
हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अन्य नजरियों से भी मामले की जांच कर रहे हैं। अब पूरे मामले की गहराई से जांच रातू थाना प्रभारी अनिल सिंह करेंगे, ताकि हत्या के मूल कारण का पता चल सके। जानकारी के अनुसार, अनिल केरकेट्टा के भाई डेविड केरकेट्टा और गुमला निवासी शिवनाथ उरांव की भूमिका की भी जांच होगी।
वहीं, दूसरी तरफ ज्ञानचंद जैन का परिवार रांची से जाने की सोच रहा है। इस हत्या के बाद रिश्तेदार ज्ञानचंद जैन के पुत्र पंकज जैन व अन्य परिजनों को रांची छोड़ने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि यहां उद्योग चलाना या व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है। कभी किसी की भी जान जा सकती है। इससे पहले भी जैन परिवार को धमकियां मिल चुकी थी और कुछ व्यवसाय उन्हें बंद करने पड़े थे।