27 अक्टूबर को मोदी की पटना रैली में हुए ब्लास्ट के बाद झारखंड में लगातार छानबीन जारी है। पुलिस की छापेमारी में कई अहम सुबूत मिले हैं जिसके तहत बनारस में भी आतंकि गतिविधियों की तैयारियों की साजिश सामने आई है।
पुलिस को मिले दस्तावेजों के आधार पर माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर बनारस भी आतंकियों के निशाने पर था। पुलिस ने कुल 23 प्रकार की चीजें अदालत में भी प्रस्तुत की हैं।
इसमें बनारस का मानचित्र भी शामिल है। मानचित्र में शहर के बाहरी और भीतरी भाग को अलग-अलग बांटा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश का टूरिस्ट रोड एटलस भी इसमें है, जिसमें कई जगहों को चिह्नित किया गया है।
अन्य सामान में नौ पन्नों की डायरी, जिसमें हाथ से कई बातें लिखी हुई हैं। विभिन्न अखबारों की प्रतियां। खासकर पांच मार्च 2013 की, जिसमें मंजर इमाम के संबंध में खबरें प्रकाशित हुई थीं।
इसके अलावा फरवरी 2013 की दस्तूर नाम की पत्रिका, जिस पर सिमी लिखा है। पुलिस अब भी इस मामले में लगातार छानबीन कर रही है।