एक तरफ पूरे देश में नोटों के लिए मारामारी मची है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड का एक गांव ऐसा है, जो कैशलेस बनने जा रहा है। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका ब्लॉक के अंतर्गत नुआग्राम गांव है, जहां के ग्रामीण कागजी मुद्रा का प्रयोग कम से कम करके मोबाईल बैंकिंग, ऑनलाइन बैंकिंग तकनीको का उपयोग करेंगे। ये जनाकारी रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के उपसमाहर्ता संजय कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि वे रविवार को ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें वर्चुअल मनी ट्रांसफर की तकनीकों की जानकारी दी। कुमार ने कहा कि अग्रणी बैंक की मदद से कैंप लगाकर जल्द ही गांव के सभी खाता धारकों को मोबाइल बैंकिंग की सुविधा दिला दी जाएगी। उन्हें विधिवत ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि मोबाइल बैंकिंग के प्रयोग में कोई परेशानी नहीं हो।
पंचायत की मुखिया सावित्री सरदार ने बताया कि उनके गांव के लगभग 20 प्रतिशत लोग पहले से ही ऑनलाइन बैंकिंग ,मोबाइल बैंकिंग और एयरटेल मनी जैसी तकनीकों का प्रयोग करते हैं। सरोज कुंडू जो कि रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं, उन्होंने बताया कि यहां के 90 फीसदी पुरुष साक्षर हैं। मुखिया सावित्री सरदार भी आईटी में डिप्लोमा धारक हैं। इसलिए ग्रामीणों की इच्छा है कि कैशलेस गांव बनाने में कोई दिक्तक नहीं है।
नुआग्राम की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 552 है। कुल 118 परिवारों वाले इस गांव में 245 कमाने वाले सदस्य हैं। सामाजिक संरचना के अनुसार यहां 42.57 फीसदी लोग जनजाति समुदाय के जबकि तीन फीसदी लोग अनुसूचित जाति के हैं। पुरुष साक्षरता लगभग 90 प्रतिशत है। गांव के कई लोग बाहर अच्छे अच्छे पदों पर हैं।