झारखंड के रांची में चटर्जी परिवार लगभग एक सदी पुरानी कार फिएट 514 का प्रदर्शन किया। इस कार को डॉ. फणींद्र नाथ चटर्जी ने 1932 में खरीदा था। परिवार के सदस्य इस कार को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं, क्योंकि उनकी यह कार नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी है। फणींद्र नाथ चटर्जी के पोते अनुप चटर्जी ने बताया कि नेताजी ने साल 1940 में इसी कार से चक्रधरपुर से रांची और रामगढ़ की यात्रा तय की थी। उन्होंने इस कार को लेकर मीडिया से बात की और बताया कि वे इस कार का रखरखाव अपने गैरेज में ही करते हैं।
फणींद्र नाथ चटर्जी के पोते ने की मीडिया से बात
पत्रकारों से बात करते हुए फणींद्र नाथ चटर्जी के पोते अनुप चटर्जी ने कहा, "डॉ. यदुगोपाल मुखर्जी नेताजी के बहुत अच्छे दोस्त थे। मेरे दादाजी डॉ. फणींद्र नाथ चटर्जी यदुगोपाल मुखर्जी के अच्छे दोस्त थे। जैसा कि यदुगोपाल नेताजी के करीबी थे, इसलिए मेरे दादाजी भी उन्हें बहुत अच्छे से जानते थे। साल 1940 में मार्च के महीने में नेताजी को रांची में कांग्रेस के एक अधिवेशन में शामिल होना था।"
उन्होंने आगे कहा, "नेताजी चक्रधरपुर ट्रेन से पहुंचे। इसके बाद मेरे दादाजी और यदुगोपाल मुखर्जी उन्हें अपनी कार में लेने पहुंचे। इसी कार से वे 20 मार्च को रामगढ़ में एक बैठक को संबोधित करने गए। नेताजी से जुड़ी गौरव भावना को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। यह कार विंटेज है और इसकी कीमत भी काफी बढ़ गई है। इस कार का रखरखाव चुनौतिपूर्ण है। हम इसका रखरखाव अपने गैरेज में ही करते हैं।"