पंपोर आतंकी हमले में शहीद हुए झारखंड के शशिकांत पाण्डेय का संयोग देखिए, जिस दिन सेना में ज्वाइनिंग की थी, उसी दिन उनकी शहादत भी हुई। धनबाद के रहने वाले शशिकांत ने 2013 में 17 दिसंबर को ही सेना में ज्वाइनिंग की थी। 17 दिसंबर 2016 को आतंकियों ने पांपोर में शनिवार को आतंकियों ने सेना के काफिले को निशाना बनाया। आतंक के इस हमले में सेना के 3 जवान शहीद हो गए हैं। जिसमें शशिकांत पाण्डेय भी शामिल थे।
शशिकांत का पूरा परिवार वीरता की मिशाल है। उनके बड़े भाई श्रीकांत पाण्डेय सीआरपीएफ में तैनात हैं। जबकि दो भाईयों ने देश की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दे दी। एक बड़ा भाई अभी भी देश की सुरक्षा में लगा है।
परिवार के लोगों ने बताया कि शहीद शशिकांत अधिकारी बनने की चाहत रहते थे। शहीद होने के बाद उनका यह सपना भी सपना ही रह गया। छुट्टी में जब भी शशिकांत गांव आते थे युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। वे हमेशा पाकिस्तान के खिलाफ जमकर लड़ाई लड़ने की इच्छा भी बताते थे। शशिकांत दो भाई और दो बहन हैं।
इससे पहले सोमवार को नामकुम आर्मी कैंप में शशिकांत को भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और आर्मी के कई अधिकारियों ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और फिर उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए धनबाद रवाना कर दिया गया।
Dhanbad (Jharkhand): Last rites ceremony of gunner Shashikant Pandey, who lost his life in #PamporeAttack pic.twitter.com/dP8MQHPUac— ANI (@ANI_news) December 19, 2016