झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 से 28 अगस्त तक चलेगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद सत्र स्थगित हो गया था, जिसमें अनुपूरक बजट पेश नहीं हो पाया था।
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अब 22 अगस्त से 28 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। सात दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के निधन के बाद मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। उस समय सरकार अनुपूरक बजट पेश नहीं कर पाई थी। अब इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर उसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अहम रहेगा। सरकार अनुपूरक बजट और विकास योजनाओं को सदन में रखने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, बिजली संकट और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। विधानसभा सचिवालय ने सत्र के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था, कार्यसूची और विधायी कार्यों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि यह सत्र झारखंड की राजनीति में कई महत्वपूर्ण फैसलों और तीखी बहसों का साक्षी बनेगा।