मोमेंटम झारखंड के नाम पर 100 करोड़ रुपये का दुरुपयोग और सरकारी राशि की हेराफेरी के आरोप में भ्रष्टाचार-निरोध कार्यालय (एसीबी) से शिकायत के बाद पूर्व सीएम रघुबर दास ने कहा है कि सांच को कोई आंच नहीं।
दरअसल, राज्य के पूर्व सीएम झारखंड के पूर्व न्यायाधीश व झारखंड आंदोलनकारी रहे एलपीएन शाहदेव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मोमेंटम पारदर्शी हुई है 'सांच को कोई आंच नहीं'। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी (हेमंत सोरेन) है कोई भी जांच करा लें।
गुरुवार को आरटीआई कार्यकर्ता पंकज कुमार यादव ने एसीबी से पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और सीएम के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल सहित कई अफसरों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही गड़बड़ियों से संबंधित दस्तावेज भी एसीबी को सौंपे हैं।
पंकज ने बताया कि इससे पहले दीवान इंद्रनील सिन्हा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इसके बाद इस पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से कहा था कि वह एसीबी में शिकायत दर्ज कराने को कहा था।
शिकायत में आरोप है कि मोमेंटम झारखंड की शुरुआती बजट को बढ़ाया गया। शुरुआत में इसका बजह केवल 8.5 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 100 करोड़ कर दिया गया। निवेशकों को बुलाने के नाम पर लंदन, जर्मनी, कनाडा और अमेरिका सहित कई शहरों में रोड शो आयोजन किया गया। इसके नाम पर सीएम के बेटे और अन्य लोगों ने सैर-सपाटे किए।
बता दें कि पूर्व की रघुबर दास के सरकार के कार्यकाल में पहला मोमेंटम झारखंड का आगाज साल 2017 फरवरी में रांची में हुआ था, जिसमें तीन लाख करोड़ के निवेश के लिए विभिन्न देशी-विदेशी कंपनियों के साथ समझौते किए गए थे। उसके बाद दूसरा और तीसरा मोमेंटम झारखंड का आयोजन लौह नगरी जमशेदपुर और बोकारो में आयोजित किया गया था।