राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल जनवरी में भाजपा के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सली हमले से जुड़े एक मामले में 14 लोगों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। हमले में दो पुलिसकर्मयिों की मौत हो गई थी। जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि एक दिन पहले यहां विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
पूर्व विधायक पर 4 जनवरी को पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सदस्यों ने हमला किया था। हालांकि, वह इस हमले में बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, हमले में उनके दो अंगरक्षकों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया था। नक्सली मृतकों के हथियार लेकर फरार हो गए थे।
शुरुआत में मामला 5 जनवरी 2021 को गोइलकेरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में 30 जून 2022 को एनआईए द्वारा फिर से मामला दर्ज किया गया था। एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, जांच से पता चला है कि आरोपी भाजपा (माओवादी) के सदस्य हैं। उन्होंने उन बैठकों में हिस्सा लिया जिसमें नायक को निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने उस अपराध में भी हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस कर्मियों को चोट लगी और उनकी मौत हुई और हथियारों व गोला-बारूद की लूट हुई।
एनआईए ने कहा, जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने में शामिल थे। प्रवक्ता ने आरोपियों की पहचान प्रधान कोरह उर्फ मंत्री, श्रीराम तुबिद उर्फ शीराम, शैलेंद्र बहांडा उर्फ देवेन, पूसा लुगुन, सुनिया सुरीन, मंगल सिंह डिग्गी, रंगिया लुगुन, कुजारी केराई, मंगल सिंह लुगुन उर्फ विक्रम, किस्मत कोरह, मिसिर बेसरा उर्फ सागर दा, सुशांत दा उर्फ अनमोल के रूप में की है। सभी झारखंड निवासी हैं। आरोपी समीर उर्फ लालू मोडियम और अश्विन उर्फ लच्छू कोर्सा छत्तीसगढ़ निवासी हैं।
अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है।