फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नरबलि देता हवलदार गिरफ्तार, घर से मिले 11 कंकाल

Fri, 10 May 2013 12:17 PM IST
धनबाद/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
झारखंड में आस्था के नाम पर नरबलि देने का एक मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (आपीएफ) के एक हवलदार को दो बच्चियों का अपहरण कर बलि देने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


दैनिक समाचार पत्र प्रभात खबर के मुताबिक, आपीएफ के 52 वर्षीय हवलदार मुनीलाल राम पर गुरुवार को दो बच्चियों का अपहरण कर बलि देने का आरोप लगाया गया।

हवलदार के घर से पुलिस ने 11 नरकंकाल, एक तलवार और एक त्रिशूल बरामद किया है।

बच्चियों की देने वाला था बलि
हवलदार रांगाटांड़ स्थित रेलवे क्वार्टर में रहता है।

वहीं, रहने वाले बच्चियों के परिजनों के अनुसार वह छह व चार साल की दोनों सगी बहनों की हाथ-पांव बांधकर पूजा कर रहा था। ऐसे में बच्चियां रोने लगी।

उनका रोना सुनकर उन्हें पहले से ढूंढ रहे परिजन वहां आ पहुंच। परिजनों को देख हवलदार ने उन पर त्रिशूल से हमला कर दिया।

परिजनों और मोहल्ले वालों ने मिलकर हवलदार की पिटाई की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस धनबाद थाना से पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया और उसके घर की तलाशी भी ली।

परिजनों ने हवलदार पर बच्चियों को अगवा कर हत्या की कोशिश की एफआईआर दर्ज कराई। हवलदार के हमले में बच्चियों के पिता दादा राजनाथ यादव और पिता रमेश यादव जख्मी हो गए।

जानबूझकर पीटा मुझे
हालांकि हवालदार ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा है कि वे बच्चियां उसकी बच्ची के साथ खेलने आई थीं। मुहल्ले के लोगों ने जानबूझ कर उस पर जानलेवा हमला किया है।
विज्ञापन


आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि हवलदार तांत्रिक जरूर है पर नरबलि की बात एक गलतफहमी है। कमाडेंट को रिपोर्ट भेजी जायेगी। धनबाद से तबादले की अनुशंसा होगी।

पुलिस जांच जारी
थाना प्रभारी अखिलेश्वर चौबे के अनुसार हवलदार धनबाद थाने में ही हिरासत में है। मामले की जांच चल रही है। रमेश यादव ने हवलदार के खिलाफ बच्चियों की बलि दने की कोशिश करने की शिकायत की है। वहीं, हवलदार ने मारपीट करने का आरोप लगाया है।

नरकंकाल बरामद
जब पुलिस ने हवलदार के घर की तलाशी ली, तो एक के बाद एक 11 नरकंकाल बरामद हुए। इनमें खोपडिय़ों और हाथ की हड्डियों की भरमार थी। हवलदार के कमरे में नरकंकाल मिले।

मां काली का भक्त
आरोपी हवलदार का कहना है कि मैं मां काली का भक्त हूं। मैंने बलि देने के लिए बच्चियों का अपहरण नहीं किया। मैं बस मां काली की पूजा कर रहा था। घर से नरकंकाल मिले हैं, वे मैंने तारापीठ से मंगाए थे।

30 साल से श्मशान में पूजा
हवलदार ने बताया वह 30 साल से श्मशान में पूजा कर रहा है। उसकी पत्नी दो साल पहले मर चुकी है और वह घर में तीन बेटी व दो बेटों के साथ रहता है। हर रोज की तरह उसने पूजा करने से पहले शराब पी थी और पूजा करने वाला था।

बच्चियों को दागा
बच्चियों ने पुलिस को बताया कि हवलदार ने घर लाकर हमारे हाथ और पैर बांध दिए। उसने हमें बिस्कुट खिलाए और फूल माला पहनाई। वह मंत्र पढ़ता जा रहा था और अगरबत्ती से हमारे शरीर को जलाता जा रहा था।

अमावस्या पर पूजा
परिजनों ने बताया कि हवलदार मुनीराम अमावस्या के दिन पूजा करने की बात कह रहा था। वहीं बच्ची के मां ने हवलदार पर उसकी पत्नी को भी मारने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें