झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को अदालत से अस्थाई जमानत मिल गई है। वह बुधवार को तीन साल बाद जेल से बाहर आ सकते हैं।
कोड़ा को झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले में आरोपी मधु कोड़ा को अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए जमानत दी गई है।
उल्लेखनीय है कि मधु कोड़ा मुख्यमंत्री रहते झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आरोपी हैं।
कोड़ा को अभी तक इस मामले में जमानत नहीं मिल सकी थी। अदालत के इस फैसले के बाद अब कोड़ा को उनके खिलाफ चल रहे पांचों मामलों में जमानत मिल गई है।
मधु कोड़ा के वकील विश्वजीत मुखर्जी ने मंगलवार को बताया कि मधु कोड़ा ने अपनी मां की तबीयत खराब होने के चलते जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है।
मुखर्जी ने बताया कि कोड़ा को एक लाख रुपए के मुचलके पर रिहा किया गया है। साथ ही अदालत ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने और देश छोड़कर न जाने का आदेश दिया है।
मधु कोड़ा साल 2009 से रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। कोड़ा पर वर्ष 2006 से 2008 के बीच मुख्यमंत्री रहते विभिन्न मामलों में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के आरोप हैं।