सरकारी लापरवाही के चलते झारखंड की महिला फुटबॉलर्स फ्रांस में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका खो सकती हैं। इन महिला फुटबॉलर्स को फ्रांस में हानेवाले वर्ल्ड स्कूल चैपियनशिप फुटबॉल में भेजने के लिए भेजा गया पत्र ही कहीं गुम हो चुका है।
फ्रांस में इस साल 14 से 22 अप्रैल को वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप फुटबॉल का आयोजन होने वाला है। इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारतीय टीम में झारखंड की सात महिला फुटबॉलरों का चयन किया गया है। इनका कैंप 20 मार्च से पुणे में होने वाला है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने झारखंड सरकार को इसी साल फरवरी महीने में पत्र लिखकर इस आयोजन की सूचना दे दी थी।
साथ ही उसके बाद साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से भी खेल विभाग को पत्र भेज कर खिलाड़ियों को फ्रांस भेजने के खर्च के रूप में 14 लाख रुपये की सहायता देने का आग्रह किया गया था। लेकिन इस मामले में सरकारी अधिकारियों ने उदासीनता दिखायी।
खेल निदेशालय ने खिलाड़ियों को फ्रांस भेजने में विशेष रूचि नहीं दिखायी। फाइलों में ही कहीं चिट्ठियां गुम हो गईं। 14 मार्च को राज्यपाल के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा और खेल सचिव अजय कुमार सिंह की जानकारी में मामला आने पर उनके निर्देश पर खेल निदेशालय ने पत्र ढूंढना शुरू किया। लेकिन वीरवार को दिन भर कोशिश करने के बावजूद खेल निदेशालय के कर्मचारी और अधिकारियों को पत्र नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा स्कूली बच्चों के लिए हर साल विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी शामिल होते हैं। खिलाड़ियों का खर्च राज्य सरकार उठाती है।