झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्रीय भूमि अधिग्रहण विधेयक राज्य के जनजातियों के हित में नहीं है। संवाददाताओं से बात करते हुए सोरेन ने कहा कि वह केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे।
सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार अपने लोगों को अधिकतम लाभ देने के लिए खुद अपनी नीति बनाएगी।
नए भूमि अधिग्रहण विधेयक के अंतर्गत ग्रामीण इलाके में जमीन का अधिग्रहण बाजार से चार गुनी कीमत पर किया जा सकेगा।
झारखंड में इस्पात, ऊर्जा और कई अन्य परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण की समस्या की वजह से लंबित पड़ी हुई हैं।