झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि 28-28 महीने तक सरकार चलाने के लिए मुख्यमंत्री पद का समझौता भाजपा के साथ हुआ था। बुधवार शाम को पार्टी विधायकों की बैठक हुई, जिसमें पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन को इस संबंध में आखिरी निर्णय करने के लिए अधिगृहित किया गया।
इस बैठक के दौरान विधानसभा के शीतसत्र की गतिविधियों पर चर्चा हुई। विधायकों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं बताईं। विधायक गुस्से में भी नजर आए। कई ने तो भाजपा के साथ सरकार में और अधिक रहने पर झामुमो को घाटा तक होने की बात कही।
विधायकों का कहना था कि अफसर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर प्रभाव पड़ता है। पार्टी विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर निर्णय लेने के लिए शिबू सोरेन पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यह अधिकार उन्हें दिया गया है।