झारखंड में कुरमी जाति को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर विवाद और तीव्र हो गया है। जहां एक ओर कुरमी समाज रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल रोको आंदोलन चला रहा है, वहीं दूसरी ओर संयुक्त आदिवासी संगठन ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। शनिवार को राजधानी रांची स्थित राजभवन के सामने हजारों आदिवासी समाज के लोग एकत्रित हुए और धरना प्रदर्शन किया।
पढ़ें: नवरात्रि पर बिहार से गुजरने वाली 5 जोड़ी ट्रेनों का मैहर में ठहराव, श्रद्धालुओं को होगी बड़ी सहूलियत
पार्वती कुमारी ने कहा, “हम अपने समाज, संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए यहां जुटे हैं। यदि कुरमी जाति को आदिवासी सूची में शामिल किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को भारी नुकसान होगा।” बंदे उरांव ने कहा कि हमारा अस्तित्व और पहचान हमारी आदिवासीयत में है और किसी कीमत पर इसे खतरे में नहीं डाला जाएगा।