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Jharkhand: सरकारी डेयरी कंपनी 'मेधा' को बढ़ावा देगी झारखंड सरकार, सरकारी कार्यालयों के बाहर बनेंगे बूथ

Fri, 17 Jan 2025 03:34 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वह बूथ लगाने के लिए जगह मुहैया कराने के लिए सरकार से आग्रह करेंगी। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में स्कूलों के बाहर भी मेधा डेयरी के लिए अस्थायी बूथ लगाए जाएंगे।
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झारखंड का डेयरी उत्पाद मेधा - फोटो : झारखंड मिल्क फेडरेशन
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विस्तार
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झारखंड सरकार ने स्थानीय सरकारी डेयरी उत्पाद मेधा को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत अब राज्य के सरकारी कार्यालयों के बाहर मेधा के बूथ खोले जाएंगे। मेधा, झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) का हिस्सा है। जेएमएफ, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ मिलकर राज्य में डेयरी विकास कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है।
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स्कूलों के बाहर भी खोले जाएंगे बूथ
कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वह बूथ लगाने के लिए जगह मुहैया कराने के लिए सरकार से आग्रह करेंगी। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में स्कूलों के बाहर भी मेधा डेयरी के लिए अस्थायी बूथ लगाए जाएंगे। तिर्की ने गुरुवार शाम को हेसाग में पशुपालन निदेशालय में जेएमएफ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें खास तौर पर शहरी इलाकों में मेधा डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि विभाग का मानना है कि स्कूली बच्चे ब्रांड को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम हो सकते हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि स्कूलों के बाहर शहरी क्षेत्रों में, दूध ब्रांड के अस्थायी बूथ छात्रों को अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की एक किस्म प्रदान करेंगे। मंत्री ने रांची के मांडर, चान्हो और बेड़ो में मेधा डेयरी बूथ खोलने का भी निर्देश दिया। बयान में कहा गया है कि विभाग ने जमशेदपुर के बजाय सरायकेला-खरसावां जिले में डेयरी प्लांट स्थापित करने के लिए स्थल का चयन करने का भी निर्णय लिया है। तिर्की ने ग्रामीण समुदायों को जोड़ने, रोजगार के अवसर पैदा करने और विभाग को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने के लिए महासंघ के साथ-साथ एक डेयरी सहकारी समिति की स्थापना का भी सुझाव दिया।
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