झारखंड के लोहरदगा से प्रशासन ने कर्फ्यू को हटा लिया है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में लोहरदगा में 23 जनवरी को जुलूस निकला था। जुलूस पर पथराव के बाद हुई हिंसा के चलते माहौल खराब हो गया था। एहतियातन लोहरदगा में कर्फ्यू लगा दिया गया था। कर्फ्यूग्रस्त लोहरदगा जिले में सप्ताहभर पहले दो चरणों में छह घंटे की ढील दी गई थी। ढील के दौरान स्थिति सामान्य बनी रही। हालात में सुधार को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को कर्फ्यू हटा दिया। प्रशासन ने एहतियातन धारा-144 जारी रखी है।
पुलिस अधीक्षक लोहरदगा ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था को सुचारु करने के लिए कर्फ्यू लगाया गया था। सप्ताहभर पहले कर्फ्यू में कुछ छूट दी गई तो माहौल शांत दिखा। शांति व्यवस्था को देखते हुए कर्फ्यू हटा लिया गया है, वहीं एहतियातन जिलेभर में धारा-144 जारी रखी गई है।
अब तक 51 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 23 जनवरी को सीएए समर्थक जुलूस पर पथराव के बाद भड़की हिंसा को लेकर अब तक 51 लोगों को न्यायिक हिरासत में लिया जा चुका है। शांति व्यवस्था के लिए कर्फ्यू के दौरान ड्रोन कैमरे से शहर और आसपास के इलाके में लगातार निगरानी की जा रही थी। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए शनिवार को झारखंड पुलिस के अतिरिक्त बलों की लगभग 15 कंपनियां, 100 एसआई / इंस्पेक्टर और 15 डीएसपी अतिरिक्त रूप से तैनात किए गए थे। शांति बनाए रखने के लिए जिले के तमाम स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया था।वहीं कर्फ्यू के कारण यहां तमाम सरकारी कार्यालय एवं बैंक कई दिनों तक बंद रहे। लोहरदगा से चलने वाली कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गई थी।