झारखंड विधानसभा में मंगलवार को हेमंत सोरेन सरकार ने एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने यह प्रस्ताव सदन में पेश किया, जिसे बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। बहुमत के बल पर सरकार कुछ भी कर सकती है, लेकिन यह राज्य और देश दोनों के लिए खतरनाक है। वहीं कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने घोषणा की कि सदन में सरकार के पास बहुमत है, इसलिए यह प्रस्ताव पारित माना जाता है।
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झारखंड इस प्रकार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां विधानसभा ने एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर एसआईआर का विरोध किया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या मृत व्यक्तियों के नाम वोटर सूची से हटने चाहिए या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है और एक विशेष वर्ग को बढ़ावा दे रहा है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन भी किया।