झारखंड पुलिस ने सोमवार को होने वाले 'विधानसभा मार्च' के मद्देनजर विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह मार्च बुलाया है। शहर भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भाजपा नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को "घर में नजरबंद" कर दिया गया है।
क्या आंदोलन को गुमराह करने का प्रयास किया गया?#WATCH | Ranchi, Jharkhand: On the JPSC-JSSC aspirants’ protest in Ranchi, BJP state general secretary Amar Kumar Bauri says, "13 examinations have been conducted during this government's tenure over the last seven years. With the exception of just one, every single exam has come… pic.twitter.com/eli4kB2wbo
— ANI (@ANI) August 9, 2026
छात्र नेता संजय मेहता ने कहा, आंदोलन दृढ़ता से जारी है। तीन दौर की बातचीत के बाद भी सरकार ने हमारी सभी मांगों को नहीं माना है। विधानसभा तक निर्धारित मार्च में झारखंड के सभी जिलों के उम्मीदवार और हमारे साथी अपना नैतिक समर्थन दे रहे हैं। हम बड़ी संख्या में पुराने विधानसभा भवन से नए भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। सीजीएल परीक्षा रद्द हो ये हमारी प्रमुख मांग है।सीजीएल मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, सरकार हमारे द्वारा प्रस्तावित सुधार मॉडल को स्वीकार कर हमारी तरफ से सुझाए गए भर्ती कैलेंडर का पालन करे। इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
झारखंड के इतिहास में एक नया उदाहरण स्थापित करने की तैयारी
विधानसभा घेराव की योजना पर एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, हमारी प्राथमिक मांग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से संबंधित थी। इसके अलावा, हमने अभय कुमार तिवारी से जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच और उन्हें रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सरकार केवल उनसे जुड़ी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की जांच करने पर सहमत है... यह अफवाह फैलाई जा रही है कि हमारी सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं, जो पूरी तरह गलत है। मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि राज्य के विभिन्न जिलों से आ रहे लोगों को न रोकें... हम झारखंड के इतिहास में एक नया उदाहरण स्थापित करेंगे... हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह अहिंसक और गांधीवादी होगा।
98% मांगें मान ली गई हैं, लेकिन...
जेपीएससी-जेएससीसी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल एक अन्य छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा, सरकार के साथ वार्ता के बाद यह प्रचार किया जा रहा है कि हमारी 98% मांगें मान ली गई हैं। हमने अपनी मांगों को तीन श्रेणियों में बांटा था—परीक्षा रद्द करना, जांच और सुधार। सरकार ने सुधारों से संबंधित मांगों को स्वीकार कर लिया और पूरा भी कर दिया। हालांकि, परीक्षाओं को रद्द करने की हमारी मांग—विशेष रूप से टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा, पीजीटी परीक्षा, आबकारी परीक्षा और अभय तिवारी से संबंधित अन्य सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर सरकार ने कोई सहमति नहीं दी है।
असामाजिक और उपद्रवी तत्वों से कैसे निपटेंगे आंदोलन में शामिल युवा
रविंद्र पासवान ने कहा, 'इस मंच के माध्यम से, मैं झारखंड के सभी छात्रों और युवाओं से अपील करता हूं: यदि आप टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द करवाना और सीबीआई जांच करवाना चाहते हैं, और यदि आप जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करवाना और सीबीआई द्वारा जांच करवाना चाहते हैं, तो विधानसभा घेराव में शामिल हों... हमारा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सांविधानिक होगा, हम इसे सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग भी चाहते हैं। यदि कोई असामाजिक तत्व या यदि कोई उपद्रवी व्यक्ति हमारे आंदोलन को कमजोर करने या हिंसा भड़काने का प्रयास करता है, तो आंदोलन में शामिल छात्र उसका कड़ा विरोध कर उसे पुलिस के हवाले कर देंगे।