झारखंड के पलामू से 22 वर्षीय विवाहित महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। यहां छह बदमाशों ने महिला और उसके पति को बंधक बनाकर चार घंटे तक उसकी आबरू लूटी। महिला चीखती रही और छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन बदमाशों का दिल नहीं पसीजा। बाद में शोर सुनकर ग्रामीणों ने महिला को बचाया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया, मामला सतबरवा थाना क्षेत्र का है। शिकायत में बताया गया कि बीते शनिवार को महिला का अपने पति व ससुराल वालों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद महिला गुस्सा होकर अपने मायके चली गई। हालांकि, शाम होते ही महिला का पति और अन्य परिजन उसके मायके पहुंचे और उसे मनाने की कोशिश की, इसके बावजूद वह ससुराल वापस जाने को राजी नहीं हुई।
मायके वालों ने समझाकर भेजा वापस
इसके बाद महिला के परिवार वालों ने उसे समझा कर पति के साथ वापस भेजने के लिए राजी कर लिया। इसी बीच महिला के पति ने अपने साढू के भाई को भी साथ चलने के लिए बुला लिया। तीनों लोग एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस लौटने लगे। तभी भलुआही घाटी के पास छह अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
पति व दूसरे व्यक्ति को बनाया बंधक
बदमाशों ने तीनों के पास से मोबाइल और बाइक छीन ली और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने महिला के पति और दूसरे व्यक्ति को बंधक बना लिया और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। करीब चार घंटे तक महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। बाद में महिला की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बदमाशों को जमकर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल एक बाइक को बरामद कर लिया गया है। महिला के पति की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं परिजनों ने बताया, महिला काफी डरी हुई है और किसी चीज का जवाब नहीं दे रही है।
अदालत से झारखंड पुलिस की शीघ्र सुनवाई की मांग
पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छह लोगों ने 22 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। मामले में हमने 90 प्रतिशत जांच पूरी कर ली है। पुलिस अदालत से मामले की त्वरित सुनवाई का अनुरोध करेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से कपड़े, मोटरसाइकिल और अन्य सबूत और फोरेंसिक रिपोर्ट एकत्र कर ली है।साथ ही पीड़िता के बयान के साथ ही उसके पति सहित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना से उसकी गर्भावस्था प्रभावित हुई है या नहीं, क्योंकि अधिकारियों ने मेडिकल जांच रिपोर्ट का विवरण देने से इनकार कर दिया।