झारखंड में एक एनजीओ में नाबालिग लड़कों के कथित यौन शोषण और उत्पीड़न की शिकायतों की जांच का आदेश दिया गया है। साथ ही शेल्टर होम में रहने वाली 40 नाबालिग बच्चों को दूसरी जगह भेजा गया है।
ईस्ट सिंहभूम के डिप्टी कमिश्नर सूरज कुमार ने बताया कि हमने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 11 सदस्यीय टीम में पुलिस, प्रशासन, डॉक्टर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
जांच का आदेश शेल्टर होम में रहने वाली दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों द्वारा दर्ज कराई एफआईआर के चलते दिया गया। दोनों ने आरोप लगाया कि करीब चार साल से उनका यौन शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। यह शेल्टर होम मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है लेकिन इसका मदर टेरेसा द्वारा स्थापित सिस्टर्स ऑफ चैरिटी से कोई संबंध नहीं है।