झारखंड में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन के विरोध में विपक्षी पार्टियों का आज झारखंड बंद है । इस मामले पर बुधवार को गृह सचिव और डीजीपी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि बंद के मद्देनजर पांच हजार से ज्यादा सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। गृह सचिव एसकेजी रहाटे और डीजीपी डीके पांडेय ने बताया कि पुलिस के अलावा रैप की दो और स्टेट रैपिड एक्शन फोर्स की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 3100 से ज्यादा होमगार्ड के साथ ही टीयर गैस राइट कंट्रोल यूनिट की भी तैनाती की गई है।
गृह सचिव और डीजीपी ने आगे बताया कि सीसीटीवी और
ड्रोन कैमरों की मदद से बंद पर नजर रखी जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा। बंद का असर आम जनजीवन पर ना पड़े इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आम नागरिकों को परेशान करने वालों की पहचान करके उनपर कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को उकसाने वालों पर नजर रखी जाएगी। कोई भी जबरन दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद नहीं करवा पाएगा। उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस रबर बुलेट का इस्तेमाल करेगी।
रांची पुलिस के उप-अधीक्षक श्याम नंदन मंडल ने कहा, 'शांतिपूर्ण विरोध को निश्चित तौर पर इजाजत दी जाएगी। हालांकि यदि हम कहीं
हिंसा देखते हैं तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।' पुलिस ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा है, 'यदि कोई निजी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए दिखेगा तो उससे कानून के अंतर्गत निपटा जाएगा। उन्हें नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी।' राज्य के डीजीपी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है लेकिन जबरन बंद और जीवन या संपत्ति के नुकसान को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।