झारखंड के प्रतिबंधित नक्सल संगठन पीएलएफआई से जुड़े सात लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूरक आरोप-पत्र दायर किया है। इनके पास से विदेशों में बने हथियार एवं गोला-बारूद जब्त किए गए थे, जिसके बाद एनआईए ने यह कदम उठाया है।
एनआईए के एक प्रवक्ता के अनुसार गुलाब कुमार यादव, रवि यादव, राकेश कुमार पासवान, पवन कुमार यादव, संतोष यादव, सुरेश यादव और प्रमजीत मोची पर भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून, शस्त्र अधिनियम, आपराधिक कानून संशोधन कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए हैं।
अधिकारी ने बताया कि इनमें से छह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है जबकि प्रमजीत फरार है। एनआईए के मुताबिक पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सदस्य लातेहर के बलुभांग के तितिर महुआ वन क्षेत्र में एकत्र हुए और गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
एजेंसी के मुताबिक विश्वसनीय सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और चार आरोपियों को विदेश में निर्मित हथियारों एवं गोला-बारूदों के साथ गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने कहा कि आरोपी सरकारी विकास परियोजनाओं और ट्रांसपोर्टरों के ठेकेदारों से वसूली किया करते थे। उन्होंने अवैध तरीके से विदेश में बने हथियार और गोला-बारूद हासिल किए जिनका इस्तेमाल वसूली के लिए ठेकेदारों और कारोबारियों को डराने के लिए किया जाता था।
पहला पूरक आरोप-पत्र शुक्रवार को रांची में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया। इस मामले में आगे की जांच जारी है।