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Jharkhand: गोड्डा में कोयला परियोजना को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में झड़प, कई लोगों को आईं चोटें

Thu, 19 Jan 2023 09:22 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,

सार

गोड्डा के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बताया कि ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की एक टीम रांची से करीब 285 किलोमीटर दूर तालझारी में एक खनन परियोजना के लिए जमीन का सीमांकन करने गई थी, तभी यह झड़प हुई।
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गोड्डा में कोयला परियोजना को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में झड़प - फोटो : social media
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विस्तार
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झारखंड के गोड्डा जिले के तालझारी इलाके में ईसीएल की एक कोयला परियोजना को लेकर गुरुवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गयी। इस घटना में एक पुलिस कांस्टेबल सहित कुछ लोगों को कथित तौर पर चोटें आईं। वहीं, शांति बनाए रखने के लिए इलाके में धारा 144 सीआरपीसी लगा दी गई।
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गोड्डा के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बताया कि ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की एक टीम रांची से करीब 285 किलोमीटर दूर तालझारी में एक खनन परियोजना के लिए जमीन का सीमांकन करने गई थी, तभी यह झड़प हुई। मीणा के मुताबिक, परियोजना के विरोध में तालझारी सहित चार गांवों के 100 से अधिक ग्रामीण गुरुवार को घटनास्थल पर इकट्ठा हुए।

महिला कांस्टेबल की उंगली पर हमला 
उन्होंने बताया, 'ग्रामीण पारंपरिक हथियारों से लैस परियोजना क्षेत्र में पहुंचे और सीमांकन कार्य को रोकने के लिए प्रदर्शन किया। पुलिस कर्मियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की।लेकिन कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर तीर से हमला कर दिया। एक प्रदर्शनकारी ने महिला कांस्टेबल की उंगली पर हमला किया।'
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 वाटर कैनन का इस्तेमाल
इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक होने के कारण प्रदर्शनकारी मौके से भाग गए। बाद में, पुलिस ने ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।  बैठक में ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि आगे कोई व्यवधान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'अगर शुक्रवार को काम शांतिपूर्वक चलता रहा तो हम इलाके से धारा 144 सीआरपीसी वापस ले लेंगे।'

ईसीएल द्वारा मुआवजा और नौकरी दी गई थी
मीणा ने दावा किया कि खनन परियोजना के लिए चार गांवों का केवल 20 प्रतिशत क्षेत्र अधिग्रहित किया गया था और कोयला परियोजना के लिए जमीन देने वाले ग्रामीणों को ईसीएल द्वारा मुआवजा और नौकरी दी गई थी।
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