फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand News: गिरिडीह में डीआईजी और डीसी के समक्ष दो नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दी गई बधाई

Wed, 08 Oct 2025 07:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/गिरिडीह

सार

Jharkhand: डीआईजी अमित कुमार सिंह और गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि दोनों नक्सली पति-पत्नी हैं और एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ़ विवेक के दस्ते में सक्रिय सदस्य के रुप में काम कर चुके हैं। इन दोनों नक्सलियों के द्वारा फिलहाल पारसनाथ जोन का कमान भी था।
विज्ञापन
दोनों नक्सली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर झारखंड सरकार के द्वारा चलाए जा रहे नई दिशा-एक नई पहल के तहत नक्सलियों का सरेंडर करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को गिरिडीह जिले के पपरवाटांड़ स्थित नवीन पुलिस केंद्र में "नई दिशा - एक नई पहल" के तहत पुनर्वास सह आत्मसमर्पण को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विज्ञापन


कार्यक्रम के दौरान बोकारो सीआरपीएफ डीआईजी अमित कुमार सिंह, गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव, गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार के समक्ष भाकपा माओवादी के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेंब्रम उर्फ शिवा एवं दस्ता सदस्य सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने दोनों नक्सलियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर एवं उन्हें माला पहना कर उन्हें मुख्य धारा में शामिल होने की बधाई भी दिया।

पढ़ें: रांची में मानवता शर्मसार, 18 वर्षीय युवती के साथ सात लोगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
विज्ञापन


वहीं डीआईजी अमित कुमार सिंह और गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि दोनों नक्सली पति-पत्नी हैं और एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ़ विवेक के दस्ते में सक्रिय सदस्य के रुप में काम कर चुके हैं। इन दोनों नक्सलियों के द्वारा फिलहाल पारसनाथ जोन का कमान भी था। पिछले कई दिनों से दोनों नक्सली पुलिस के सम्पर्क में थे ओर आत्मसमर्पण करने की बात कही थी। इसके बाद अलग–अलग सुरक्षा एजेंसियों इंटलीजेन्स ब्यूरो, स्पेशल ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सम्पर्क में आये ओर फिर आज दोनों मुख्यधारा में वापस लौटे हैं।
विज्ञापन


कार्यक्रम में गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पुनर्वास सह आत्मसमर्पण कार्यक्रम के तहत कई लाभ नक्सलियों को झारखंड सरकार के द्वारा दिए जा रहे हैं। इसे लेकर उनके द्वारा लगातार बैठक भी किया जाएगा और प्रयास करेंगे कि वह इसका अधिकतम लाभ आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों को दिला सके।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें