Jharkhand Assembly Supplementary Monsoon Session: झारखंड विधानसभा अनुपूरक मानसून सत्र के आखिरी दिन विपक्ष ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। रिम्स-2,यूनिवर्सिटी बिल,सूर्या हांसदा,अटल बिहारी बाजपेई का अपमान सहित कई मुद्दों पर घेरा बंदी की। वहीं, पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने विभाग से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
झारखंड विधानसभा अनुपूरक मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है। गुरुवार को भी विपक्षी दल भाजपा,आजसू सरकार के साथ दो-दो हाथ करने के मूड में दिखे। सदन शुरू होने से पहले विपक्षी दल भाजपा और आजसू ने रिम्स-2,यूनिवर्सिटी बिल,सूर्या हांसदा,अटल बिहारी बाजपेई का अपमान सहित कई मुद्दे विपक्ष ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा राज्य सरकार मोटा कमीशन के चक्कर में नगड़ी में रिम्स-2निर्माण कराना चाहती है। जबकि वहां के रैयतों की बातों को सरकार अनसुनी कर रही है।
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'अनुशंसित राशि अब तक पंचायतों को उपलब्ध नहीं कराई गई'
वहीं, सदन में गुरुवार को पूछे गए सवाल पर, पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 15वें वित्त आयोग से अनुशंसित राशि अब तक पंचायतों को उपलब्ध नहीं कराई गई है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर दी गई हैं। पिछले अनुदान का ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दिया गया है, वर्ष 2022 एवं 2023 तक की राशि का शत-प्रतिशत ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जा चुकी है। स्टेट फाइनेंस कमीशन की एक्शन टेकेन रिपोर्ट भी बजट सत्र के दौरान सदन में रखी गई है।
'केंद्रीय मंत्री से मिलने का समय मांगा'
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक 2024-25 एवं 2025-26 की राशि जारी नहीं की है। विभाग लगातार इस विषय पर भारत सरकार से संवाद कर रहा है। स्वयं मंत्री ने भी केंद्रीय मंत्री से मिलने का समय मांगा है और सितंबर के प्रथम सप्ताह में भेंट कर यह आग्रह करने का निर्णय लिया है कि लंबित राशि शीघ्र जारी की जाए। मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार पंचायतों के अधिकार और गाँवों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी हाल में पंचायतों के कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।