झारखंड के सिमडेगा जिले में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के दोषी को स्थानीय अदालत ने बीस वर्ष का कठोर कारावास एवं दस हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सिमडेगा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुभाष प्रसाद द्वारा प्रस्तुत गवाहों, साक्ष्य, एफएसएल रिपोर्ट आदि के आधार पर आरोपी आकाश कुमार प्रधान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता के घर पर पिछले वर्ष छह जुलाई की रात विवाह कार्यक्रम के लिए टेंट लगवाया गया था। रात में पीड़िता मिचली आने पर बाहर निकलकर उल्टी कर रही थी। इसी बीच, टेंट लगाने वाला मजदूर आकाश प्रधान उसे बलपूर्वक पास ही में सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की चीख सुनकर कुछ लोग वहां पहुंचे। भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। नाबालिग को इलाज हेतु सीएचसी ले जाया गया। अदालत में लगभग 14 माह चली सुनवाई के उपरांत अभियुक्त को सजा सुनाई गई।