झारखंड सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया है कि लॉकडाउन के बाद यह देश में पहला मौका है, जब प्रवासी मजदूरों को विमान से अपने राज्य वापस लाया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई से रांची के बिरसा मुंडा हवाईअड्डे पहुंचे मजदूरों की स्क्रीनिंग भी की गई। साथ ही उन्हें नाश्ता और पानी की बोतल दी गई।
उन्होंने आगे बताया कि मजदूरों को उनके संबंधित जिले भेजने के लिए रांची जिला प्रशासन की ओर से बसों की व्यवस्था की गई थी, जिनसे उन्हें उनके घरों के लिए रवाना किया गया। उनमें से एक ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान वे परेशानी का सामना कर रहे थे। ऐसे में झारखंड सरकार की पहल से वे अपने घर लौट आए हैं।
- बंगलूरू स्थित नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व छात्रों के प्रयास से संभव हुई यह यात्रा
बता दें कि इस विशेष विमान का खर्च बंगलूरू स्थित नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व छात्रों ने उठाया है। जिन्होंने यात्रा के लिए धन जुटाया। छह पूर्व छात्र सुहान मुखर्जी, प्रियंका रॉय, अर्कजा सिंह, शील त्रेहन, प्रिया शर्मा और शुवा मंडल ने इस यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे लोग कुछ और विमानों का इंतजाम करा रहे हैं ताकि मजदूरों की सुखद वापसी हो सके।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में, हम प्रवासी श्रमिकों को भेजने के लिए बसों की व्यवस्था कर रहे थे। लेकिन, जब हमने लागत की तुलना की, तो हमने पाया कि उड़ान की लागत बस के अपेक्षा बहुत अधिक नहीं थी। बस से कुल लागत लगभग 11 लाख रुपये कि थी। फिर हमने उन्हें फ्लाइट से भेजने का फैसला किया और फंड जुटाना शुरू किया।