झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि उग्रवाद की समस्या के समाधान के लिए झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 24 में से 19 जिले उग्रवाद प्रभावित हैं। झारखंड विशेष राज्य का दर्जा पाने की सभी अर्हताएं पूरी करता है। साथ ही उन्होंने राज्य को विशेष केंद्रीय पैकेज भी देने की केंद्र से मांग की। सीएम ने नई दिल्ली में गुरूवार को राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में झारखंड का पक्ष रखते हुये ये बातें कहीं।
उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अस्थाई घर क्रमश: 19.4 व 74.6 प्रतिशत हैं, जो विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त राज्यों की अपेक्षा अधिक हैं। पेयजल सुविधा, विद्युत आपूर्ति, शौचालय विहीन घरों, आधुनिक जीवन शैली के मापदंडों, मुद्रा विनिमय के लिए बैंकिंग की सुविधा का प्रसार, मानव संसाधन, पथ परिवहन आदि मामलों में भी राज्य विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों की तुलना में काफी पीछे है।