लोकसभा के बाद राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी भाजपा ने झारखंड से एक ऐसे अनजान से चेहरे को राज्यसभा का टिकट दिया है जो दशकों तक पर्दे के पीछे रहकर पार्टी की सेवा करते रहे। राज्य के बड़े उद्योगपतियों में शुमार महेश पोद्दार पार्टी में किसी बड़े पद पर नहीं रहे न ही वह भाजपा की मुख्य इकाई में किसी पद पर रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार 66 साल के पोद्दार ने अपनी पढ़ाई गुमला के सरकारी स्कूल से की है इसके बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बंगलुरू चले गए थे। यहां उनका नाता आरएसएस से जुड़ गया और वो संघ की शाखाओं में जाने लगे।
पढ़ाई पूरी करने के बाद पोद्दार ने एक व्यवसायी के रूप में अपने काम की शुरूआत की, उन्होंने रांची में 1978 में स्टील की एक छोटी सी फैक्ट्री लगाई। फिलहाल उनकी रांची, विशाखापत्तनम, बंगलुरू और नागपुर में कई स्टील प्लांट हैं। वह झारखंड चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कामर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
व्यापार के साथ साथ पोद्दार भाजपा की व्यापारिक इकाई में महासचिव के पद पर भी रहे हैं। राज्यसभा के लिए पोद्दार ने जो नामांकन किया है उसमें उन्होंने अपनी जायदाद 19.5 करोड़ रुपये घोषित की है। इसमें उनकी पत्नी और उनकी बेटी की संपति भी शामिल है।