झारखंड में शराब घोटाले की जांच तेज़ होती जा रही है। इसी सिलसिले में एसीबी ने प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के एमडी विधु गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन पर झारखंड में फर्जी होलोग्राम सप्लाई कर अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप है।
झारखंड में शराब घोटाले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसीबी ने विधु गुप्ता को पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया गया। इस घोटाले में विधु गुप्ता आठवें आरोपी हैं जिन्हें एसीबी ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, प्रिज्म कंपनी के मालिक विधु गुप्ता ग्रेटर नोएडा के निवासी हैं और उन पर फर्जी होलोग्राम सप्लाई करने का आरोप है। उन्हीं के जरिए झारखंड में अवैध शराब कारोबार के लिए फर्जी होलोग्राम की आपूर्ति की जाती थी। इससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। गौरतलब है कि प्रिज्म कंपनी को झारखंड सरकार से होलोग्राम आपूर्ति का करीब 52 करोड़ रुपये का ठेका मिला था, जिसके तहत 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से होलोग्राम की आपूर्ति की गई थी। यह ठेका मिलने और कार्यान्वयन के दौरान अवैध लेन-देन और वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। बाद में कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
इस पूरे घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। एसीबी लगातार उनसे पूछताछ कर रही है और उनके बयानों के आधार पर नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी की रडार पर अभी कई और प्रभावशाली नेता और अधिकारी हैं और आने वाले दिनों में अधिक गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।