झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा बुधवार को उद्घाटित 2176 करोड़ रुपये की कोनार नहर सिंचाई परियोजना की एक नहर चौबीस घंटे के भीतर टूट गई। इस कारण एक गांव के बड़े क्षेत्र की फसल नष्ट हो गई। इसके बाद आनन-फानन में संबद्ध विभाग के प्रधान सचिव ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।
आधिकारिक प्रवक्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कोनार नहर परियोजना के नहर टूटने एवं फसल नष्ट होने की घटना की जांच के लिए मुख्य अभियंता अग्रिम योजना जल संसाधन विभाग रांची के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जिसे 24 घंटों के भीतर अपना प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।
जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कोनार नहर परियोजना के नहर टूटने एवं फसल नष्ट होने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग, हजारीबाग से रिपोर्ट मांगी।
नहर टूटने का कारण चूहे!
प्रारंभिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के कुसुमरजा गांव के पास बगोदर शाखा नहर के 16वें किलोमीटर पर नहर का तटबंध टूट गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह आशंका व्यक्त की गई कि चूहों के बिलों के कारण ऐसा हुआ। इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया है।