मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को इस्तीफा दिये सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई फैसला न आने से झारखंड दुविधा में है। केंद्र के पास झारखंड का मामला लटका हुआ है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल ने 12 जनवरी को ही रिपोर्ट केंद्र के पास भेज दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को पूरे मामले की जानकारी है लेकिन राज्य के विषय में कोई भी फैसला न होने से संशय बना हुआ है।
अर्जुन मुंडा सात दिनों से कार्यकारी व्यवस्था के रूप में काम कर रहे हैं। इसके चलते राज्य में विकास योजनायें व सभी जरूरी काम अटके हुये हैं। कहीं विभाग से फाइल्स लौटाई जा रही हैं तो कहीं प्रशासनिक अधिकारी मंत्रियों की सुनने को राजी नहीं हैं। राज्य का पूरा तंत्र निष्क्रिय हो गया है।
राज्य में कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, झामुमो ने सरकार बनाने के संबंध में संकेत दिये हैं। सभी दलों से लेकर प्रशासनिक महकमा केंद्र के फैसले पर नजर लगाये हुये है। कैबिनेट बैठक की आस में मामला अटका हुआ है।