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Jharkhand: बोकारो स्टील प्लांट से जुड़े मुद्दों पर मुख्य सचिव व सेल चेयरमैन की अहम बैठक, इन विषयों पर दिया जोर

Mon, 21 Jul 2025 05:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: मुख्य सचिव ने बोकारो स्टील प्लांट से अपील की है कि वह स्थानीय युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के मौके भी दे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझते हुए मानवीय दृष्टिकोण से आगे बढ़ना होगा।
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बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा है कि बोकारो स्टील प्लांट (सेल) से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान आपसी समन्वय और पारदर्शी संवाद के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टील पॉलिसी के तहत सेल की कई इकाइयों में विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि बोकारो के स्थानीय लोग खुद को इनसे अलग-थलग न महसूस करें।

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मुख्य सचिव ने बोकारो स्टील प्लांट से अपील की है कि वह स्थानीय युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के मौके भी दे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझते हुए मानवीय दृष्टिकोण से आगे बढ़ना होगा। मुख्य सचिव सोमवार को सेल के चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश, संबंधित विभागों के सचिवों और बोकारो जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ आयोजित समन्वय बैठक में बोल रही थीं।

विस्थापितों और पंचायतों के पुनर्गठन पर चर्चा
बैठक में विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इस दिशा में जवाबदेही, आपसी विश्वास और सौहार्द के साथ समन्वित योजना बनाकर समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि चास प्रखंड के 9 पंचायतों के पुनर्गठन का प्रस्ताव पंचायती राज विभाग ने तैयार किया है ताकि वहां के लोगों को उनके बुनियादी अधिकार मिल सकें, लेकिन सेल की ओर से अब तक इसकी सहमति नहीं मिली है।
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सेल चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश ने कहा कि उनकी मंशा किसी को उजाड़ने की नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में जिस अधिग्रहित भूमि पर स्टील प्लांट का विस्तार नहीं होना है, उस पर प्रशासन जरूरतमंदों के लिए सरकारी मकान बनवा सकता है। इस पर मुख्य सचिव ने उपायुक्त को आगे की कार्रवाई करने को कहा। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट द्वारा अधिग्रहित 756.94 एकड़ अप्रयुक्त वन भूमि को वन विभाग को लौटाने के विषय पर भी चर्चा हुई।

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मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सेल और वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर पहले इस जमीन का सीमांकन (नक्शा और सीमा निर्धारण) किया जाए। वन विभाग के सचिव अबू बक्कर सिद्दीख ने कहा कि सीमांकन के बाद यदि सेल खर्च वहन करता है तो पिलर लगाने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी जाएगी। इस पर सेल चेयरमैन ने खर्च देने की सहमति जताई।

इसी बैठक में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी समस्याओं को राजस्व विभाग के साथ मिलकर सुलझाने की बात भी कही गई। साथ ही गरगा डैम की मरम्मत और उसके आसपास पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

बोकारो को देश के टॉप टेन शहरों में लाने की तैयारी
मुख्य सचिव ने कहा कि सेल की मौजूदगी देश के 13 शहरों में है, जिनमें से तीन शहर देश के टॉप टेन शहरों में शामिल हैं। ऐसे में व्यवस्थित ढंग से बसी बोकारो स्टील सिटी को भी इस सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

बोकारो उपायुक्त ने इसे ‘टॉप वन सिटी’ बनाने का रोडमैप बैठक में पेश किया। चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश ने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि अतिक्रमण बड़ी समस्या है। फिलहाल बोकारो की 1932 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है, जो शहर के विकास में बाधा बन रहा है।
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उन्होंने बताया कि बोकारो स्टील सिटी के 20 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले विस्तार प्रोजेक्ट से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। प्लांट में एक व्यक्ति को नौकरी मिलने पर औसतन सात अन्य स्थानीय लोगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट और उससे जुड़ी अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी

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