Jharkhand: ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठेकेदार/प्रोप्राइटर पर हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, वे शव को उठने नहीं देंगे।
सरायकेला-खरसावां जिले के हुदु पंचायत के पालोबेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क निर्माण कार्य में लगे तेज रफ्तार गिट्टी लदे हाइवा ट्रक ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सीधे गांव के निवासी 35 वर्षीय बिरबल मुर्मू के घर पर पलट गया। दुर्घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। हाइवा की चपेट में आने से बिरबल मुर्मू और उनकी दो वर्षीय पुत्री की मौके पर ही मौत हो गई।
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इस हादसे में बिरबल की पत्नी शेफाली मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जाता है कि लीडिंग कंस्ट्रक्शन द्वारा हरीभंगा से कालाझोर तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। काम के दौरान ही हाइवा अनियंत्रित होकर घर पर पलट गया, जिससे यह दुखद घटना घटी।
सूचना मिलते ही कांड्रा थाना प्रभारी विनोद मुर्मू पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले का निरीक्षण किया। वहीं हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लगे वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण यह जानलेवा दुर्घटना हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठेकेदार/प्रोप्राइटर पर हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, वे शव को उठने नहीं देंगे। वर्तमान में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन ग्रामीण न्याय और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।